Sati Pratha in Ved, Ramayan and Mahabharata वेदो, रामायण, महाभारत मे सती प्रथा

वेदो, रामायण, महाभारत मे सती प्रथा :

इमा नारी ———जनयो योनिमग्र।।

                  (ऋग्वेद 10 /18/7)

अर्थात = ये नारियां (पति के साथ) जल रही है,  अत: पति का साथ होने के कारण अविधवा है । इन के शरीर पर घी मला हुआ है,  आंखो मे अंजन  (सुरमा) लगा है ।ये आंसूशनय है । हे अग्नि ये तुम मे प्रवेश कर रही है । ताकि ये निर्दोष और सुदर नारिया अपने पतियो से वियुकत न हो ।

रामायण मे सती प्रथा देखो :

वेदो की सती प्रथा  समर्थन रामायण ने भी किया देखो जरा गौर से पढो :-

दशरथ की मृत्यु के पश्चात माता कौशल्या कहती है कि, “मे महाराज के शरीर को आलिंगन कर अग्नि मे प्रवेश करूंगी ।

( वाल्मिकी रामायण अयोध्या कांड 66/12)

सीता को रावण जब राम का मायानिर्मित कटा सिर दिखाता है तब वह कहती है कि, ” रावण, मे अपने पति के साथ सती हो जाऊगी ।

(वाल्मिकी रामायण युद्ध कांड 32/32)

महाभारत मे सती प्रथा देखो :-
महाभारत मे भी वेदो की सती प्रथा समर्थन किया :-

पांडवो का पिता राजा पांडु उस की मृत्यु पर उस की एक पत्नी माद्री ने पति के शव के साथ अपने आप को जलाया था ।

(महाभारत आदि पर्व 125/19)

कृष्ण के पिता वसुदेव की चारो पत्नियां =
देवकी ,
भद्रा,
रोहिणी,
मदिरा

ये चारों अपनी पति के जल कर मरी ।
(मौसलपर्व 7/18)

कृष्ण की पांच पत्निया रूकमणी , गांधारी,  शैवया ,हैमवती एव जांबवती ने कृष्णा के शव के साथ अपने आप को जला लिया था ।
(मौसलपर्व 7/73-74)

विष्णु पुराण मे भी कृष्ण की आठ पत्निया ने भी कृष्ण की मृत्यु के बाद कृष्ण के शव के साथ आग मे उनके साथ जली थी ।

          (विष्णु पुराण 5/38/2)

भागवत महापुराण के अनुसार धृतराष्ट्र की पत्नी भी गांधारी भी उसके साथ जिंदा जलाया गया ।

(भागवत पुराण अध्याय 1/13/57)

गरूडपुराण मे :-

नारी को बहकाते हुए गरूडपुराण कहता है कि औरत को आग से डरना नही चाहिए कियोंकि जब वह अपनी पति की लाश के साथ आग मे बैठती है तो उसके अंगो को जलन महसूस नही होती है । आग मे केवल पाप जलते है ।

(गरूडपुराण अध्याय 10 /42/-43 से 45 तक )

SOURCE:- http://vedforyou.blogspot.in/2016/09/blog-post_13.html

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